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कैंसर होने के लक्षण: शुरुआती संकेत जिन्हें नजरअंदाज न करें
कैंसर आज के समय में सबसे खतरनाक और तेजी से फैलने वाली बीमारियों में से एक है। भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हर साल लाखों लोग इस रोग से प्रभावित होते हैं। कई बार लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य बीमारी समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जिससे समय पर इलाज नहीं हो पाता। जबकि यदि कैंसर को शुरुआती स्टेज में पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज आसान हो सकता है और ठीक होने की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है।
Image Source: Pixabay
इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि कैंसर होने के सामान्य और शुरुआती लक्षण क्या हो सकते हैं, किन संकेतों पर हमें डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए और क्यों नियमित हेल्थ चेकअप जरूरी है।
कैंसर क्या है?
कैंसर एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की कोशिकाएं (cells) असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और यह वृद्धि रुकती नहीं। ये कोशिकाएं शरीर के अलग-अलग हिस्सों में फैलकर नए ट्यूमर बना सकती हैं और अंगों की सामान्य कार्यप्रणाली को प्रभावित करती हैं।
कैंसर कई प्रकार का हो सकता है, जैसे –
लंग कैंसर (फेफड़ों का कैंसर)
ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर)
ब्लड कैंसर (रक्त कैंसर)
स्किन कैंसर (त्वचा कैंसर)
ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर)
लिवर कैंसर (जिगर का कैंसर) आदि।
हर प्रकार के कैंसर के लक्षण अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य संकेत लगभग सभी में देखने को मिलते हैं।
कैंसर होने के सामान्य लक्षण
1. लगातार थकान और कमजोरी
अगर बिना किसी वजह के आपको बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है और आराम करने पर भी ऊर्जा वापस नहीं आती, तो यह कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। खासकर ब्लड कैंसर और कोलन कैंसर में यह लक्षण ज्यादा देखने को मिलता है।
2. वजन में अचानक कमी
यदि बिना किसी डाइटिंग या एक्सरसाइज के कुछ महीनों में आपका वजन 5-10 किलो तक कम हो जाए, तो यह सामान्य नहीं है। यह स्टमक कैंसर, पैनक्रियाज कैंसर या फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकता है।
3. किसी गांठ या सूजन का बनना
शरीर में अचानक कोई गांठ या सूजन महसूस हो, खासकर स्तन, गर्दन, बगल या कमर में, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। यह कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
4. त्वचा में बदलाव
किसी तिल (mole) का रंग बदलना
तिल का आकार बढ़ना
त्वचा पर अचानक नए धब्बे या घाव का बनना और जल्दी न भरना ये संकेत स्किन कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं।
5. लगातार खांसी या गले में खराश
यदि लंबे समय तक खांसी ठीक नहीं हो रही, गले में खराश है या खून आ रहा है, तो यह लंग कैंसर या गले के कैंसर का संकेत हो सकता है।
6. पेशाब या मल त्याग की आदतों में बदलाव
बार-बार पेशाब आना
पेशाब में जलन या खून आना
कब्ज, दस्त या मल में खून आना ये संकेत ब्लैडर कैंसर या कोलन कैंसर के हो सकते हैं।
7. घाव या अल्सर का न भरना
मुंह, जीभ या होंठ पर बने घाव या छाले यदि लंबे समय तक ठीक न हों, तो यह ओरल कैंसर का संकेत हो सकता है।
8. भूख न लगना और पेट में दर्द
लंबे समय तक भूख न लगना, पेट में जलन या दर्द रहना, गैस और अपच की समस्या होना स्टमक कैंसर या लिवर कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
9. असामान्य रक्तस्राव (Bleeding)
खांसने पर खून आना
उल्टी में खून आना
पेशाब या मल में खून आना
महिलाओं में पीरियड्स के बीच ज्यादा ब्लीडिंग होना ये सभी संकेत किसी गंभीर बीमारी या कैंसर से जुड़े हो सकते हैं।
10. लगातार बुखार रहना
अगर बिना किसी इंफेक्शन या कारण के बार-बार बुखार आता है और लंबे समय तक बना रहता है, तो यह ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) का संकेत हो सकता है।
कब लें डॉक्टर से सलाह?
अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी समस्या लगातार 2–3 हफ्तों से ज्यादा बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराना चाहिए। जल्दी जांच कराने से कैंसर का पता शुरुआती स्टेज में लगाया जा सकता है और इलाज भी आसान हो जाता है।
कैंसर से बचाव कैसे करें?
हालांकि कैंसर होने के कई कारण होते हैं (जैसे जेनेटिक, पर्यावरण, लाइफस्टाइल), लेकिन कुछ सावधानियां अपनाकर इसके खतरे को कम किया जा सकता है:
धूम्रपान और शराब से दूर रहें
संतुलित और पौष्टिक आहार लें
नियमित एक्सरसाइज करें
समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराएं
सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें ताकि स्किन कैंसर का खतरा कम हो
मुंह की सफाई का ध्यान रखें और तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें।
निष्कर्ष
कैंसर एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य बीमारी है, बशर्ते इसे समय रहते पहचान लिया जाए। यदि शरीर में कोई भी असामान्य बदलाव नजर आए तो उसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। याद रखें – समय पर जांच और इलाज ही कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए है, किसी भी इलाज से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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