ज़्यादा देर सोने के नुकसान – जानिए अधिक नींद क्यों है सेहत के लिए हानिकारक

नींद हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अच्छी नींद शरीर और दिमाग दोनों को तरोताजा रखती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज़्यादा देर तक सोना भी शरीर के लिए उतना ही हानिकारक हो सकता है जितना नींद की कमी?

ज़्यादा देर सोने के नुकसान
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आज हम जानेंगे कि अधिक सोने के क्या नुकसान हैं, इसके पीछे के कारण क्या हैं और सही नींद कितनी होनी चाहिए।

नींद की सही मात्रा कितनी होनी चाहिए?

हर उम्र के व्यक्ति के लिए नींद की आवश्यकता अलग-अलग होती है:


उम्र                                     नींद की अवधि

बच्चे (6–13 साल)               9–11 घंटे

किशोर (14–17 साल)         8–10 घंटे

वयस्क (18–60 साल)         7–8 घंटे

बुज़ुर्ग (60+ साल)               6–7 घंटे

अगर कोई व्यक्ति रोज़ाना 9–10 घंटे या उससे ज़्यादा सोता है, तो यह शरीर में असंतुलन का संकेत हो सकता है।


ज़्यादा देर सोने के नुकसान

1. दिमाग सुस्त और याददाश्त कमजोर होना

अधिक नींद लेने से दिमाग की सक्रियता घटती है।

लंबे समय तक ज़्यादा सोने वाले लोगों में ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो जाती है, और याददाश्त भी कमजोर होने लगती है।


2. हृदय (Heart) संबंधी खतरा बढ़ना

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के अनुसार,

जो लोग रोज़ाना 9 घंटे से अधिक सोते हैं, उनमें हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

अधिक नींद से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, जिससे हृदय पर दबाव पड़ता है।


3. वजन बढ़ना और मोटापा

लंबे समय तक सोने से शरीर की कैलोरी खपत कम होती है।

कम एक्टिविटी और अधिक आराम से फैट जमा होना शुरू हो जाता है।

इसके अलावा, मेटाबॉलिज्म की गति भी धीमी पड़ जाती है।


4. थकान और सुस्ती

यह सुनकर अजीब लगेगा, लेकिन ज़्यादा नींद लेने से भी थकान महसूस होती है।

क्योंकि शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक (Circadian Rhythm) डिस्टर्ब हो जाती है।

परिणामस्वरूप, दिनभर नींद-सी आती रहती है और काम में मन नहीं लगता।


5. डिप्रेशन और मानसिक तनाव

कई शोध बताते हैं कि जो लोग बहुत ज़्यादा सोते हैं,

उनमें डिप्रेशन के लक्षण अधिक पाए जाते हैं।

ज़्यादा सोना शरीर में हार्मोनल असंतुलन लाता है, जिससे मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन और मानसिक कमजोरी बढ़ती है।


6. डायबिटीज़ और ब्लड शुगर असंतुलन

अधिक नींद से इंसुलिन की प्रक्रिया प्रभावित होती है।

लंबे समय तक ऐसा चलने पर शरीर शुगर को सही तरह से उपयोग नहीं कर पाता,

और धीरे-धीरे डायबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है।


7. जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द

बहुत देर तक एक ही मुद्रा में सोने से मांसपेशियों में जकड़न और दर्द होने लगता है।

खासकर पीठ और गर्दन में stiffness आम हो जाती है।


8. त्वचा पर असर

अधिक नींद लेने से चेहरा dull और सूजा हुआ दिखने लगता है।

ब्लड फ्लो कम होने के कारण त्वचा की चमक कम होती है और डार्क सर्कल बढ़ सकते हैं।


ज़्यादा सोने के कारण क्या हैं?

थायराइड की समस्या

डिप्रेशन या मानसिक तनाव

अनियमित दिनचर्या

दवाइयों का असर

नींद की खराब क्वालिटी (poor sleep hygiene)

शरीर में पोषण की कमी

अगर बिना वजह बहुत नींद आ रही है, तो यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकता है।


संतुलित नींद के लिए उपयोगी सुझाव

रोज़ाना एक ही समय पर सोएं और जागें।

सोने से पहले मोबाइल, टीवी और लैपटॉप से दूर रहें।

दिन में अधिक झपकी (nap) न लें।

हल्का खाना खाएं और सोने से 2 घंटे पहले डिनर कर लें।

दिन में थोड़ी एक्सरसाइज करें – इससे नींद की क्वालिटी बेहतर होती है।

कमरे को ठंडा, साफ और शांत रखें।


निष्कर्ष (Conclusion)

नींद जरूरी है, लेकिन हर चीज़ की अति नुकसानदायक होती है।

जहाँ कम नींद से शरीर थक जाता है, वहीं ज़्यादा नींद शरीर को आलसी, सुस्त और बीमार बना सकती है।

इसलिए रोज़ाना 7–8 घंटे की नींद को आदत बनाएं —

यही संतुलन आपकी सेहत, मन और जीवन को स्वस्थ रखेगा।


FAQ – ज़्यादा सोने से जुड़े सवाल


Q1. रोज़ 9 घंटे सोना क्या हानिकारक है?

👉 अगर शरीर थका नहीं है और फिर भी रोज़ 9 घंटे सोते हैं, तो हाँ — ये आदत नुकसान पहुँचा सकती है।


Q2. ज़्यादा नींद आने का कारण क्या है?

👉 थायराइड, डिप्रेशन या खराब दिनचर्या की वजह से।


Q3. क्या ज़्यादा सोने से मोटापा बढ़ता है?

👉 हाँ, शरीर की एक्टिविटी कम होने से वजन बढ़ सकता है।


आप हमारा एक और आर्टिकल पढ़ सकते हैं:  👉🏼 कम सोने के नुकसान – नींद की कमी से होने वाले खतरों को जानिए


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