कम सोने के नुकसान – नींद की कमी से होने वाले खतरों को जानिए

नींद हमारे जीवन का बहुत ज़रूरी हिस्सा है। जैसे शरीर को ऊर्जा पाने के लिए खाना और पानी चाहिए, वैसे ही दिमाग और शरीर को आराम और मरम्मत के लिए नींद चाहिए। लेकिन आजकल व्यस्त दिनचर्या, तनाव और मोबाइल-इंटरनेट के कारण लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पाते।

कम सोने के नुकसान
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वयस्कों के लिए रोज़ाना 7 से 8 घंटे की नींद आवश्यक मानी जाती है। अगर लगातार कम सोते हैं तो यह शरीर और मन दोनों पर बुरा असर डाल सकता है। आइए जानते हैं कम सोने के नुकसान विस्तार से।


कम सोने के तुरंत नुकसान

1. थकान और ऊर्जा की कमी

नींद पूरी न होने पर दिनभर थकान रहती है और काम करने का मन नहीं करता।

2. ध्यान और एकाग्रता में कमी

कम सोने से दिमाग सही से फोकस नहीं कर पाता, जिससे पढ़ाई और काम प्रभावित होता है।

3. चिड़चिड़ापन और मूड खराब

नींद की कमी से मन अशांत रहता है, गुस्सा जल्दी आता है और छोटी-छोटी बातें परेशान करती हैं।

4. सिरदर्द और आंखों में जलन

नींद पूरी न होने पर अक्सर सिरदर्द और आंखों में भारीपन महसूस होता है।


कम सोने के लंबे समय के नुकसान

1. दिल की बीमारियाँ

लगातार कम सोना दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।

2. मोटापा और डायबिटीज

नींद की कमी से शरीर में हॉर्मोन असंतुलन होता है, जिससे भूख ज़्यादा लगती है और वजन बढ़ने लगता है। साथ ही डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है।

3. इम्यून सिस्टम कमजोर होना

कम नींद से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) घटती है और बार-बार बीमारियाँ पकड़ लेती हैं।

4. याददाश्त पर असर

नींद याददाश्त को मज़बूत करती है। नींद की कमी से चीज़ें याद रखने में दिक्कत आती है और सीखने की क्षमता घटती है।

5. मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर

कम सोने से तनाव, चिंता (Anxiety) और अवसाद (Depression) जैसी मानसिक समस्याएँ पैदा हो सकती हैं।

6. त्वचा पर असर

नींद पूरी न होने से त्वचा बेजान, रूखी और डार्क सर्कल्स वाली हो जाती है।

7. कामकाज और पढ़ाई में गिरावट

कम नींद से Productivity घटती है, गलतियाँ बढ़ती हैं और प्रदर्शन अच्छा नहीं हो पाता।


अच्छी नींद पाने के उपाय

रोज़ाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें।

सोने से पहले मोबाइल, टीवी और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें।

कैफीन (चाय, कॉफी) और नशे वाली चीज़ों से दूरी बनाएँ।

सोने से पहले हल्की किताब पढ़ें या सुकून देने वाला संगीत सुनें।

दिनभर व्यायाम करें, लेकिन रात को सोने से ठीक पहले नहीं।

सोने का कमरा शांत, अंधेरा और ठंडा रखें।

तनाव कम करने के लिए ध्यान (Meditation) और गहरी सांस लें।


निष्कर्ष

कम सोना सिर्फ थकान ही नहीं लाता, बल्कि लंबे समय में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। अच्छी नींद एक दवा की तरह है जो शरीर और मन को स्वस्थ रखती है। इसलिए रोज़ाना 7–8 घंटे सोना ज़रूरी है।

याद रखें – “अच्छी नींद = अच्छी सेहत।”


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