थायराइड रोग: यह क्या है, कारण, लक्षण और उपचार | Thyroid Symptoms in Hindi

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में थायराइड (Thyroid) एक आम लेकिन गंभीर बीमारी बन चुकी है।

यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर के मेटाबॉलिज्म (Metabolism), वजन, मूड और हार्मोन के संतुलन को प्रभावित करती है।

Thyroid Symptoms in Hindi
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कई लोग वर्षों तक इसके लक्षणों को पहचान नहीं पाते और जब पता चलता है, तब तक यह शरीर में कई समस्याएँ पैदा कर चुकी होती है।

इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि थायराइड रोग क्या है, इसके कारण, लक्षण, प्रकार और इसका सही उपचार क्या है।


थायराइड क्या है?

थायराइड एक ग्लैंड (ग्रंथि) है जो हमारे गले के सामने की तरफ, ठीक हड्डी के नीचे स्थित होती है।

यह ग्रंथि हार्मोन बनाती है जिन्हें T3 (Triiodothyronine) और T4 (Thyroxine) कहा जाता है।

ये हार्मोन हमारे शरीर की ऊर्जा, तापमान, वजन और दिमाग़ के कामकाज को नियंत्रित करते हैं।

अगर यह ग्रंथि ज़रूरत से ज़्यादा या कम हार्मोन बनाने लगती है, तो इसे थायराइड रोग (Thyroid Disorder) कहा जाता है।


थायराइड के प्रकार

थायराइड के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं 👇

1. हाइपरथायराइडिज़्म (Hyperthyroidism)

जब थायराइड ग्रंथि ज़रूरत से ज़्यादा हार्मोन बनाती है।

इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म बहुत तेज़ हो जाता है।

मुख्य लक्षण: वजन कम होना, दिल की धड़कन तेज़, चिंता, पसीना ज़्यादा आना, और नींद की समस्या।

2. हाइपोथायराइडिज़्म (Hypothyroidism)

जब थायराइड ग्रंथि कम हार्मोन बनाती है।

इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है।

मुख्य लक्षण: थकान, वजन बढ़ना, बाल झड़ना, सूजन और ठंड लगना।


थायराइड के मुख्य कारण

थायराइड के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन कुछ प्रमुख कारण ये हैं 👇

1. आयोडीन की कमी —

आयोडीन थायराइड हार्मोन बनाने में मदद करता है। इसकी कमी से हाइपोथायराइडिज़्म हो सकता है।

2. ऑटोइम्यून बीमारी (Autoimmune Disease) —

जब शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति (Immunity) अपनी ही थायराइड ग्रंथि पर हमला करती है।

उदाहरण: Hashimoto’s disease और Graves’ disease।

3. अनुवांशिक कारण (Genetic) —

अगर परिवार में किसी को थायराइड है, तो उसके बच्चों में यह बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है।

4. तनाव और हार्मोनल असंतुलन —

अत्यधिक तनाव, नींद की कमी, या गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में बदलाव भी कारण बन सकते हैं।

5. दवाइयों के दुष्प्रभाव (Side Effects) —

कुछ दवाइयाँ, जैसे Lithium या Amiodarone, थायराइड ग्रंथि को प्रभावित कर सकती हैं।

6. अस्वस्थ जीवनशैली —

जंक फूड, नींद की कमी, और व्यायाम न करना भी अप्रत्यक्ष रूप से थायराइड का कारण बनते हैं।


थायराइड के लक्षण

थायराइड के लक्षण इसके प्रकार के अनुसार अलग-अलग होते हैं 👇

🔸 हाइपोथायराइडिज़्म (Thyroid कम होना)

* लगातार थकान रहना

* वजन बढ़ना

* बाल झड़ना और त्वचा का रूखापन

* ठंड ज़्यादा लगना

* कब्ज़ रहना

* चेहरे या पैरों में सूजन

* मूड स्विंग और अवसाद


🔸 हाइपरथायराइडिज़्म (Thyroid बढ़ना)

* दिल की धड़कन तेज़ होना

* वजन कम होना

* पसीना ज़्यादा आना

* चिड़चिड़ापन और घबराहट

* नींद न आना

* हाथ कांपना

अगर इन लक्षणों में से कुछ भी लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना चाहिए।


थायराइड की जांच कैसे होती है?

थायराइड की पुष्टि के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है जिसे TSH Test कहा जाता है।

सामान्य रूप से:

* TSH लेवल बढ़ा हुआ = Hypothyroidism

* TSH लेवल कम = Hyperthyroidism

इसके अलावा, डॉक्टर T3, T4 और Thyroid Antibody Test भी करवा सकते हैं।


थायराइड का उपचार

थायराइड का इलाज इसके प्रकार पर निर्भर करता है 👇

1. हाइपोथायराइडिज़्म (Thyroid कम होना)

इस स्थिति में डॉक्टर आपको Levothyroxine नाम की दवा देते हैं,

जो शरीर में Thyroid हार्मोन की कमी को पूरा करती है।

यह दवा खाली पेट सुबह लेनी होती है।

2. हाइपरथायराइडिज़्म (Thyroid बढ़ना)

इस स्थिति में हार्मोन उत्पादन को कम करने वाली दवाइयाँ दी जाती हैं जैसे —

Methimazole या Propylthiouracil (PTU)।

कभी-कभी Radioactive Iodine या Surgery की भी आवश्यकता होती है।


थायराइड में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं

✔️ खाना चाहिए:

* आयोडीन युक्त नमक

* फल और हरी सब्जियाँ

* अखरोट, बादाम, अलसी के बीज

* दूध, दही, और अंडे

* नियमित पानी और हर्बल चाय

❌ नहीं खाना चाहिए:

* जंक फूड और ज्यादा तला हुआ खाना

* सोया प्रोडक्ट्स (सोया चंक्स, सोया मिल्क)

* अधिक शक्कर या सफेद मैदा

* कोल्ड ड्रिंक्स और शराब


थायराइड को कंट्रोल करने के घरेलू उपाय

1. योग और प्राणायाम करें –

विशेष रूप से सूर्य नमस्कार, कपालभाति और उज्जयी प्राणायाम बहुत उपयोगी हैं।

2. तनाव से दूर रहें –

मेडिटेशन और 7-8 घंटे की नींद ज़रूरी है।

3. सेल्फ-मेडिकेशन न करें –

थायराइड की दवा खुद से कभी बंद या शुरू न करें।

4. नियमित जांच करवाएं –

हर 3 महीने में एक बार TSH टेस्ट ज़रूर करवाएं।


निष्कर्ष (Conclusion)

थायराइड कोई लाइलाज बीमारी नहीं है —

यह एक हार्मोनल असंतुलन है जिसे सही समय पर पहचानकर नियंत्रित किया जा सकता है।

अगर आप संतुलित आहार लें, नियमित योग करें, तनाव कम करें और डॉक्टर द्वारा दी गई दवा समय पर लें,

तो थायराइड पूरी तरह कंट्रोल में रह सकता है।

थोड़ी सी सावधानी, नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर

आप इस बीमारी से लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। 🌿


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. क्या थायराइड पूरी तरह ठीक हो सकता है?

➡️ अगर शुरुआती स्टेज पर पता चल जाए तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है। कुछ मामलों में दवाएँ लंबे समय तक लेनी पड़ती हैं।


Q2. क्या योग से थायराइड ठीक हो सकता है?

➡️ योग थायराइड हार्मोन को बैलेंस करने में बहुत मदद करता है, लेकिन डॉक्टर की दवा भी ज़रूरी है।


Q3. क्या थायराइड से वजन बढ़ता है?

➡️ हाँ, Hypothyroidism में वजन बढ़ता है क्योंकि मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।


Q4. क्या थायराइड के मरीज को जीवनभर दवा लेनी पड़ती है?

➡️ कई लोगों को लंबे समय तक दवा लेनी पड़ती है, लेकिन डॉक्टर की निगरानी में धीरे-धीरे दवा कम की जा सकती है।


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